Saturday, December 24, 2011

बेटियां


बेटियां कभी किसी की अकेली नहीं होती!
परिवार की मोहल्ले की,समाज की और
सृष्टि की शान होती हैं !
क्योंकि उन्हीं से सृष्टि का
प्रारंभ और अंत होता है !
वह स्वयं से ज्यादा
ओरों के लिए जीती हैं!
वह अपना नहीं ,दूसरों का दिया दर्द सहती हैं !
इसलिए वह हमारी शान होती हैं !