Friday, December 18, 2009

BETIYA


"बेटिया" "
"ओस की बूंदों सी होती है बेटिया ,
परिजनों के दुखो से रोती है बेटिया
रोसन करेगा बेटा , एक ही कुल को ,
दो कुलो की शान बढाती है बेटिया
कोई नही है दोस्त एक -दुसरे से कम ,
हीरा अगर है बेटा तो मोती है बेटिया
काँटों की राह पे वे ख़ुद चलती है ,
ऑरो के लिए फूल ही बोती है बेटिया
विधि का विधान है यह दुनिया की रस्म है ,
अपने प्रियजनों को छोड़ पिया के घर जाती है बेटिया"
"इतु"