Thursday, July 1, 2010


माँ की आन, घर की शान,



पिता का गर्व, भाई का मान।


कोयल का गीत, सदियों की रीत।


होती हैं बेटियाँ ~~~


कलियों सी नाज़ुक, फूलों सी कोमल।


पानी सी निर्मल, पूर्वाइ सी शीतल।


होती हैं बेटियाँ ~~~


सज़ा कर हाथो पे मेहंदी,


लगा कर माथे पे बिंदियां।


बन किसी की दुल्हन,


छोङ जाती है अपना आंगन।


ये देख के बार बार सोचे मेरा मन।


अपना या पराया धन, होती हैं बेटियां