Sunday, January 15, 2012

betiya

बिन बेटी ये मन बेकल है, बेटी है तो ही कल है,

बेटी से संसार सुनहरा, बिन बेटी क्या पाओगे?

बेटी नयनों की ज्योति है, सपनों की अंतरज्योति है,

शक्तिस्वरूपा बिन किस देहरी-द्वारे दीप जलाओगे?

शांति-क्रांति-समृद्धि-वृद्धि-श्री सिद्धि सभी कुछ है उनसे,

उनसे नजर चुराओगे तो किसका मान बढ़ाओगे ?

सहगल-रफ़ी-किशोर-मुकेश और मन्ना दा के दीवानों!

बेटी नहीं बचाओगे तो लता कहां से लाओगे ?

सारे खान, जॉन, बच्चन द्वय रजनीकांत, ऋतिक, रनबीर

रानी, सोनाक्षी, विद्या, ऐश्वर्या कहां से लाओगे ?

अब भी जागो, सुर में रागो, भारत मां की संतानों!

बिन बेटी के, बेटे वालों, किससे ब्याह रचाओगे?

बहन न होगी, तिलक न होगा, किसके वीर कहलाओगे?

सिर आंचल की छांह न होगी, मां का दूध लजाओगे।