बेटिया
गोद में आती है
खुशियों से वो घर भर जाता है |
उसकी प्यारी मुस्कान से
घर का हर कोना चहकता है |
लाड प्यार में बड़ी होती है
पलकों पे बिठा हर नाता रखता है
कितने नाजों से पलती बेटी
मांगने से पहले सब मिलता है |
बाबुल का दिल का ये टुकड़ा
जो विदाई पे सबको रुला जाता है......